पूज्य महाराज श्री के सानिध्य में 06 फरवरी से 12 फरवरी 2017 तक ऊना (हिमाचल) में आयोजित श्रीमद भागवत कथा के प्रथम दिवस में भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का सुंदर वर्णन भक्तों को श्रवण कराया।
भागवत कथा के प्रथम दिन के आयोजन में कई साधु संतो ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिती दर्ज करवाई। संत बाबा बाल जी महाराज ने कथा वाचक ठाकुर जी महाराज जी का स्वागत किया। पहले दिन के कथा की शुरुआत भागवत आरती और विश्व शांति के लिए प्रार्थना के साथ की गई। महाराज श्री ने कथा की शुरुआत करते हुए कहा की सबसे बड़ा काम है कथाओं का दान करना, छोटे मोटे दान आज नहीं तो कल खत्म होता ही है लेकिन कथाओं का दान कभी समाप्त नहीं हो सकता। महाराज जी ने कहा की कथा के श्रवण मात्र से मंगल हो जाता है। इसे जीवन में धारण कर लो जीवन मंगलमय हो जाएगा। महाराज जी ने कहा की जैसे आपको अपने बच्चों की चिंता रहती है वैसे ही संतो को इस जगत की चिंता रहती है, इसलिए संतो के माध्यम से समय समय पर भागवत कथा कराई जाती है ताकि इससे श्रवण मात्र से जगत का कल्याण हो जाए। महाराज ने जितनी भी कथाएं संतो के द्वारा हुई है वहां यही यही चर्चा होती है की कल्युग के लोगों का कल्याण कैसे हो। कलयुग के लोग आलसी है वह चाहते हैं की मुझे कुछ भी ना करना पड़े लेकिन मुझे सब मिल जाएं। आजकल का मनुष्य ये कहने लगा है की मन में आस्था होनी चाहिए मं...