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सांस्कृतिक महोत्सव का विशाल आयोजन 28 से 30 जुलाई 2018 तालकटोरा इंडोर स्टेडियम दिल्ली में।

पूज्य महाराज श्री के सानिध्य में 21 जून से 27 जून 2018 तक सोनाराम प्लेग्राउण्ड, ए.टी रोड, भरलुमुख, गुवाहाटी, असम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के सप्तम दिवस पर महाराज श्री ने श्रीकृष्ण-रूकमणी विवाह और सुदामा की मित्रता की सुंदर कथा श्रोताओं को श्रवण कराई।

श्रीमद् भागवत कथा के सप्तम दिवस की शुरुआत भागवत आरती और विश्व शांति के लिए प्रार्थना के साथ की गई। श्रीमद्भागवत कथा के सप्तम दिवस पर असम के माननीय मुख्यमंत्री श्री सर्वानंद सोनोवाल जी, असम टूरिज्म डेवलपमेंट कोरपोरेशन के माननीय चैयरमैन श्री जयंत मल्ला बरूआ जी एवं असम भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री रंजित दास जी ने भी कथा पंडाल में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई और भागवत जी एवं व्यास पीठ से आशीर्वाद प्राप्त किया। मिशन की ओर से सभी को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। पूज्य श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने कथा कि शुरूआत करते हुए कहा कि भगवान ने बड़ी कृपा करके हमे मानव जीवन दिया है। इस संसार में मानव जीवन मिल भी गया है, इस संसार में हमे जो भी यश मिलता है, मान सम्मान मिलता है वो सभी ठाकुर की कृपा से मिलता है। कुछ लोग मान लेते हैं और कुछ लोग नहीं मानते। लेकिन हम और आप सभी आस्तिक लोग हैं, आस्थावान लोग हैं, हम सभी को यह बात मान लेनी चाहिए कि ठाकुर की कृपा के बगैर यह संभव नहीं है। महाराज श्री ने कहा कि बहुत से लोग यह कहते हैं या भटके हुए लोग यह कहते हैं कि जीवन के अंतिम पड़ाव यानि वृद्...

अंबुबाची महोत्सव धर्मरत्न शांतिदूत पूज्य श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज के सानिध्य में 21 जून से 27 जून 2018 तक स्थान – सोनाराम प्लेग्राउण्ड, ए.टी.रोड, भरलुमुख, गुवाहाटी ,असम में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के द्वितीय दिवस पर महाराज श्री ने भागवत कथा के महात्यम का सुंदर वर्णन भक्तों को श्रवण कराया।

द्वितिय दिवस की शुरुआत करते हुए परम पुज्य श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज जी ने प्रभु श्री कृष्ण का सुंदर भजन श्रवण किया। उन्होंने कहा कि जो मोक्ष चाहने वाले है उनके लिए भागवत सबसे सरल साधन है। मुक्ति मिलना आसान नहीं है, हज़ारों हज़ारों वर्षों तक तप करने के बाद भी मोक्ष सहज प्राप्त नहीं होता। अगर हम कहें कि हमें मुक्ति तप के माध्यम से मिल जाए, किसी और साधन से मिल जाए, तो ये आसान नहीं है, मुक्ति मिली तो है लेकिन आसानी से नहीं। उन्होंने कहा कि भागवत मात्र 7 दिन में मोक्ष देती है, लेकिन ये मुमकिन तब ही है जब हम भागवत को नियम और विधि विधान से सुने, ऐसा करने से आप जो चाहते है वो ही आपको मिलेगा। धन चाहने वालों को धन, संतान चाहने वालों को संतान, पाप नष्ट करना चाहते हो तो पाप नष्ट हो जाऐंगे, पापी से पापी कितना भी बड़ा पापिष्ट क्यूं ना हो वो भागवत कथा सुन ले तो वो निष्पान हो जाता है, ऐसी शक्ति है पवित्र ग्रंथ श्रीमद भागवत कथा में। श्रीमद भागवत कथा प्रत्येक रोग की औषधी है जिसे आप औषधालय भी कह सकते हैं। भगवान श्री कृष्ण गोकुल में विराजमान, उदास सर्वेश श्री राधा ने पूछा आप उदास क...

पूज्य महाराज श्री के सानिध्य में 26 जनवरी से 2 फरवरी प्रिंसेस श्राईन,पैलेस ग्राउंड,बंगलुरु में आयोजित श्रीमद भागवत कथा के प्रथम दिवस पर महाराज श्री ने भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का सुंदर वर्णन भक्तों को श्रवण कराया।

" मनुष्य को सदा के लिए अपने प्रभु की भक्ति में डूब जाना चाहिए " पहले दिन के कथा की शुरुआत दीप प्रज्वलन और भागवत आरती के साथ की गई। देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने कथा की शुरुआत करते हुए कहा की हमारे ऋषि मुनियों ने जो दिया है आज का साइंस उसी पर आधारित है....जो हमारे ऋषि मुनियों ने दिया वो साइंस दे नहीं सकता। आकाश में जो सबसे पहली ध्वनी हुई वो ऊँ की थी और इसी ऊँ में पूरी दुनिया समायी है। महाराज जी ने कहा की हमारे भागवत में, पुराणों में, वेदों में ये कहा गया है की जो भी व्यक्ति भागवत नाम उच्चारण करेगा उस के सारे पाप उसी क्षण में समाप्त हो जाएंगे, लेकिन शर्त ये है की आगे पाप ना करें। महाराज जी ने कहा की अच्छे काम के लिए कभी किसी से मत पूछो, पूछना है तो भगवान से पूछो। महाराज जी ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा की अपने धर्म को जानने की कोशिश करो, भागवत पढ़ो, पुराण पढ़ो। जैसे डाक्टर बनने के लिए डॉक्टरी पडनी जरुरी है उसी तरह मानव जीवन को समझना है तो धर्म को पढ़ना जरुरी है, धर्म को समझना जरुरी है, धर्म पढोगे तभी तुम्हे कृष्ण समझ में आएगा। देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने कहा क...