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Showing posts with the label devkinandan thakur ji maharaj By Vrindavan

आज पूज्य महाराज श्री एवं विजय शर्मा जी कनाडा पहुंचे जहां विश्व शांति सेवा चैरिटेबल मिशन कनाडा के सदस्यों व भक्तों द्वारा स्वागत किया गया।

आज पूज्य महाराज श्री एवं विजय शर्मा जी कनाडा पहुंचे जहां विश्व शांति सेवा चैरिटेबल मिशन कनाडा के सदस्यों व भक्तों द्वारा स्वागत किया गया।

आज शाम पूज्य महाराजश्री एवं विजय शर्मा जी ने वृन्दावन से कनाडा के लिए प्रस्थान किया।

आज शाम पूज्य महाराजश्री एवं विजय शर्मा जी ने वृन्दावन से कनाडा के लिए प्रस्थान किया, प्रस्थान से पूर्व ठा. श्री प्रियाकांत जू भगवान एवं पूज्य पिता जी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया । राधे राधे।

आप देख रहे है ठा. श्री प्रियाकांत जू मंदिर छटीकरा रोड वृन्दावन से "गुरु पूर्णिमा महोत्सव " द्वतीय दिवस का सीधा प्रसारण

राधे राधे आप देख रहे है ठा. श्री प्रियाकांत जू मंदिर छटीकरा रोड वृन्दावन से "गुरु पूर्णिमा महोत्सव " द्वतीय दिवस का सीधा प्रसारण
A humongous event of Shanti Sandesh Yatra is being organized in Canada from 20th July To 15th August 2019. Contact for more information 416-219-4786
कल 14 जुलाई रविवार को शांति सेवा धाम, वृंदावन में पूज्य श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग की जिसमें बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। महाराज श्री सभी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बताया की किस प्रकार से हम सब ने मिलकर धर्म के लिए कार्य करना है, किसी प्रकार से देश की सेवा करनी है एवं समाज के लिए कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
कथा के पहले दिन सर्वप्रथम सुबह श्री खाटू श्याम जी मंदिर से कथा स्थल तक कलश यात्रा निकाली जिसमें सैकड़ों माताओं बहनों ने कलश उठाया। कथा से पूर्व महाराज श्री ने सभी 108 यजमान ब्राह्मणों के साथ पूजा अर्चना की जिसके बाद दोपहर 12:30 बजे महाराज जी के साथ श्री पवन जी, पुजारी अध्यक्ष, श्री श्याम सुंदर शर्मा जी, प्रधानाचार्य, श्री पप्पू शर्मा जी ने दीप प्रज्जवलित कर 108 श्रीमद्भागवत कथा की शुरूआत की। यजमानों द्वारा महाराज श्री को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया। भागवत कथा के प्रथम दिवस की शुरुआत दीप प्रज्जवलन, भागवत आरती और विश्व शांति के लिए प्रार्थना के साथ की गई। पूज्य देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने कथा की शुरुआत करते हुए कहा कि हमेशा मीठी बाते सुनिए अगर कटु वाणी सुनोगे तो तुम्हारा ह्रदय जहरीला हो जाएगा और मधुर वाणी सुनोगे तो आपका ह्रदय रस युक्त, स्वस्थ, निर्मल पवित्र हो जाएगा। महाराज जी ने कहा कि आजकल मां बाप की जिम्मेदारी कम होती जा रही है क्योंकि वो सोचते हैं कि अध्यापक सबकुछ सीखा देंगे। उन्होंने कहा कि बच्चे आपके हैं टीचर के नहीं , अपने बच्चों को सही राह पर ले जाने के लिए मा...

SHRIMAD BHAGWAT KATHA || Day -6 || || VRINDAVAN ||

SHRIMAD BHAGWAT KATHA || Day -6 || || VRINDAVAN ||

पूज्य महाराज श्री के सानिध्य में 22 फरवरी से 1 मार्च 2018 तक शांति सेवा धाम, वृन्दावन में आयोजित होली महोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत 108 श्रीमद भागवत कथा के षष्ठम दिवस पर महाराज श्री ने भागवत में आज रासपंचाध्यायी, श्री कृष्ण - रुक्मणि विवाह का सुन्दर वृतांत विस्तार से वर्णन किया और सुन्दर भजनो का भक्तों को श्रवण कराया।

" जिस प्रकार पेड़ का स्वभाव फल देना, छांव देना होता है उस ही तरह संत का स्वभाव अपने बालकों पर दया करना होता है |" श्रीमद् भागवत कथा के षष्टम दिवस पूज्य श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने कथा की शुरुआत करते हुए कहा की अपने शिशुओं का संरक्षण करना, उनकी देखभाल करना, उन्हें संस्कारवान बनाना, उन्हें आगे बढ़ाना यही बड़ो का बडप्पन है। बड़े तो पेड़ भी होते है लेकिन जो फल नहीं देता उसको तो हम सम्मान भी नहीं देते, सम्मान योग्य वही है जो फल भी दे, छांव भी दे, इस ही तरह माता - पिता का भी यह कर्तव्य है की वो बालक को केवल जन्म ही न दे अपितु उन्हें संस्कारवान भी बनाये। आज कलयुग में संस्कार की ही कमी दिखाई पड़ती है जो हमारे बच्चो को चारित्रिक पतन की और ले जारही है। ऐसे में संस्कार और प्रभु की भक्ति द्वारा बच्चों को नैतिकता की और ले चले। महाराज जी ने कहा की वृंदावन की भूमि प्रेम की खान है। सोने की खान में सोना मिलेगा, कोयले की खान में कोयला मिलेगा, हीरे की खान में हीरा मिलेगा वैसे ही प्रेम की खान में आ जाओ तो ठाकुर का प्रेम मिलेगा। उन्होंने कहा की अगर कहीं भक्ति महारानी सशरीर द...

SHRIMAD BHAGWAT KATHA || Day -5 || || VRINDAVAN ||

SHRIMAD BHAGWAT KATHA || Day -5 || || VRINDAVAN ||

पूज्य महाराज श्री के सानिध्य में 22 फरवरी से 1 मार्च 2018 तक शांति सेवा धाम, वृन्दावन में आयोजित होली महोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत 108 श्रीमद भागवत कथा के पंचम दिवस पर महाराज श्री ने भागवत में आज पूतना वध और श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का सुन्दर वृतांत विस्तार से वर्णन किया और सुन्दर भजनो का भक्तों को श्रवण कराया।

मन को साफ़ रखो, मर्यादा का पालन करों तो वृंदावन मे गोविंद की कृपा का अनुभव होगा। पूज्य महाराज श्री ने कथा का प्रारम्भ करते हुए कहा की हम लोग ही बहुत ही भाग्यवान है क्योंकि हमे सब तरह के अंगों से भगवान ने संपन्न किया हुआ है। भगवान ने हमको हाथ, पैर, आँख, नाक, दिमाग सभी कुछ दिया हुआ है। मेरे ठाकुर जी ने हमको इतनी सुन्दर जिंदगी दी है। तो हमको उनके इस वरदान को कभी भी नहीं भूलना चाहिए। इस मानव योनि को प्राप्त करने के बाद भी अगर मानव मेरे प्रभु को याद न करे तो हमसे बड़ा आत्मघाती या पापी इस दुनिया में और कोई नहीं है। महाराज श्री ने कहा कि भगवान ने हर व्यक्ति को अपनी एक अलग ही समझ दी है। उसी के अनुसार ही हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार ही हर कार्य को करता है। कई अपनी समझ से अपने हर कार्य को भगवान की इच्छा मानकर ही करते है और सदा ही स्वच्छ मन से कार्य को करते है ताकि उनसे कोई भी गलती न हो और कुछ लोग अपने गंदे विचारो से ही कार्य को करते है और उन्ही में सदैव लिप्त रहते है। वो अच्छे और बुरे का फर्क नहीं समझते है। हमको तो सदा ही अच्छे और बुरे का फर्क लेकर ही भगवान की भक्ति को करते ...

SHRIMAD BHAGWAT KATHA || Day -4 || || VRINDAVAN

SHRIMAD BHAGWAT KATHA || Day -4 || || VRINDAVAN

पूज्य महाराज श्री के सानिध्य में 22 फरवरी से 1 मार्च 2018 तक शांति सेवा धाम, वृन्दावन में आयोजित होली महोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत 108 श्रीमद भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर महाराज श्री ने भागवत में वामन अवतार, अजामिल कथा,भगवान् श्री कृष्ण का जन्मोत्सव आदि का वृतांत विस्तार से वर्णन किया और सुन्दर भजनो का भक्तों को श्रवण कराया।

" प्रभु की विशेष कृपा होती है तब पापों का नाश करने के लिए भागवत कथा प्राप्त होती है। " पूज्य महाराज श्री ने कथा की शुरुआत करते हुए कहा क ी प्रभु की असीम अनुकम्पा का दर्शन यह है की हम सभी श्री वृन्दावन धाम में है और ये ही नहीं प्रियकांत जू की कथा उन्ही के प्रांगड़ में बैठ कर सुनने का सौभाग्य आप सभी भक्तो को प्राप्त हो रहा है। निश्चित ही कुछ पाप ऐसे होते है जो हमे अच्छे कर्मो से , भगवान की कथा से दूर करते है। और कुछ विशेष कृपा जब प्रभु की होती है तो हमारे पापो को नष्ट करने का प्रयास किया जाता है और वह भागवत कथा के माध्यम से होता है चुतर्थ दिवस की कथा का वृतांत में महाराज श्री ने भगवान श्री कृष्ण के प्राक्ट्य की कथा सुनाई मथुरा नगरी में राजा उग्रसेन जिनका एक पुत्र था कंस जो अपनी बहन देवकी को जब विवाह के बाद विदा करने जा रहे थे तो रस्ते में आकाशवाणी हुई की हे कंस तू जिस बहन को इतने आदर के साथ विदा कर रहा है उसीका आठवाँ पुत्र तेरा काल होगा इतना सुनते ही कंस ने देवकी के केश पकडे और रथ से नीचे उतर लिया। और देवकी से बोला की जब तू ही नहीं होगी तो तेरा पुत्र कैसे...

SHRIMAD BHAGWAT KATHA || Day -3 || || Vrindavan

SHRIMAD BHAGWAT KATHA || Day -3 || || Vrindavan

पूज्य महाराज श्री के सानिध्य में 22 फरवरी से 1 मार्च 2018 तक शांति सेवा धाम, वृन्दावन में आयोजित होली महोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत 108 श्रीमद भागवत कथा के द्वितीय दिवस पर महाराज श्री ने भागवत में अमर कथा का एवं शुकदेव जी का जन्म का वृतांत विस्तार से वर्णन किया और सुन्दर भजनो का भक्तों को श्रवण कराया।

आज श्रीमद भागवत कथा के द्वितीय दिवस पर हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर जी एवं उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रीता बहुगुणा जोशी जी ने कथा पंडाल में पहुंच कर कथा का रसपान किया एवं महाराज जी से आशीर्वाद प्राप्त किया। कथा श्रवण करने आए भक्तो से महाराज जी ने कहा की कथा को कभी भी फल प्राप्ति के लिए ही नहीं सुनना चाहिए, फल तो मिलेगा ही, कथा का श्रवण मेरे चित्त में मेरे प्रभु के अलावा कोई ओर ना हो इसके लिए कथा सुननी चाहिए। कथा प्रभु के स्वभाव को बताती है। महाराज जी ने कथा सुनने आएं श्रोताओं से कहा की कथा स्थल पर आने की जल्दी करो लेकिन यहां से जाने की कभी जल्दी मत करो। महाराज जी ने कहा की अगर जीव के मन में बस भागवत कथा सुनना है का भाव भी आ जाए तो प्रभु उनके ह्रदय में कैद हो जाते हैं और सच्चे श्रोताओं को इसका अनुभव भी होता है। महाराज जी ने कहा की कथा सुनने की एक ही शर्त है इसे नियम से सुना जाए। महाराज जी ने मोबाइल से होने वाले नुकसानों के बारे में भी बताया। महाराज जी ने कहा की आज के दौर में बच्चो की याददाशत कमजोर होती जा रही है, उसका सबसे बड़ा कारण है मोबा...

SHRIMAD BHAGWAT KATHA || Day - 2 || || Vrindavan

SHRIMAD BHAGWAT KATHA || Day - 2 || || Vrindavan

SHRIMAD BHAGWAT KATHA || Day - 1 || || Vrindavan

SHRIMAD BHAGWAT KATHA || Day - 1 || || Vrindavan