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Sanskritik Mahotsav Promo ।। Shri Devkinandan Thakur Ji Maharaj

Sanskritik Mahotsav Promo ।। Shri Devkinandan Thakur Ji Maharaj

Shrimad Bhagwat Katha || Day -3 || Lucknow ||

Shrimad Bhagwat Katha || Day -3 || Lucknow || 17-23 January 2018 || Lucknow, Uttar Pradesh || SHRI DEVKINANDAN THAKUR JI MAHARAJ

पूज्य महाराज श्री के सानिध्य में 4 से 10 जनवरी तक, सी. डी. पार्क, साल्ट लेक, कोलकाता आयोजित श्रीमद भागवत कथा के सप्तम दिवस पर भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का सुंदर वर्णन भक्तों को श्रवण कराया।

आज की कथा का प्रारम्भ एक सुन्दर भजन के साथ किया। महाराज जी ने कहा की श्री शुकदेव जी गंगा नदी के तट पर बैठ कर राजा परीक्षित को भागवत कथा सुना रहे है और हम सब भी सौभाग्यशाली है की गंगा के किनारे हम सब भी भगवत कथा का श्रवण कर रहे है। माँ भगवती यहाँ पहुंच कर अपनी यात्रा को पूरा करती है गंगा सागर में मिलकर। भगवान् हम सभी की यात्रा भी पूरी करे ठाकुर के चरणों में मिलकर। जो लोग ये कहते है की भक्ति करना उन लोगो का काम है जो कुछ नहीं करे सकते लेकिन मै यह कहता हूँ की भक्ति करना बहुत हिम्मत का काम है वो ही प्राणी भक्ति कर सकता है जो धैर्य, साहस और प्रभु में पूर्ण विश्वास हो वही सच्ची भक्ति कर सकता है। कल के क्रम में ठाकुर का विवाह रुक्मणि जी के साथ हुआ। द्वारिका में भगवान् ने अपना राज्य स्थापित किया। महाराज श्री ने आगे कहा कि पुराणों की कथा के अनुसार भगवान श्री कृष्ण ने कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी तिथि को नरकासुर नाम के असुर का वध किया। नरकासुर ने 16 हज़ार 100 कन्याओं को बंदी बना रखा था। नरकासुर का वध करके श्री कृष्ण ने कन्याओं को बंधन मुक्त करवाया। इन कन्याओं ने श्री कृष्ण से कहा की सम...

पूज्य महाराज श्री के सानिध्य में 4 से 10 जनवरी तक, सी. डी. पार्क, साल्ट लेक, कोलकाता आयोजित श्रीमद भागवत कथा के दिव्तिय दिवस पर भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का सुंदर वर्णन भक्तों को श्रवण कराया।

"कथाएं सुनने से चित्त पिघल जाता है और पिघला चित ही भगवान को बसा सकता है।" पूज्य महाराज श्री के सानिध्य में 4 से 10 जनवरी तक, सी. डी. पार्क, साल्ट लेक, कोलकाता आयोजित श्रीमद भागवत कथा के दिव्तिय दिवस पर भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का सुंदर वर्णन भक्तों को श्रवण कराया। कथा प्रारम्भ करते हुए पूज्य महाराज श्री ने कहा की श्रीमद भागवत कथा कलयुग में मोक्ष का एक सर्वश्रेठ मार्ग है। जन्मो - जन्मो के अच्छे कर्मो के फल स्वरुप हमे भागवत कथा श्रवण करने का लाभ मिलता है और जो कथा करवाता है उसके पुण्य कर्मो का तो कहना ही क्या। श्रीमद भागवत कथा सुनने के लिए भी हमें कर्म अच्छे करने होंगे तभी ये कथा सुनने का भी लाभ भी हमें मिलेगा। क्योकि आज का मानव आपने कार्य को अधिक महत्व देता है और भगवान को भूल जाता है। "सुख में सुमरिन सब करे दुःख में करे न कोई, और जो सुख में सुमिरन करे तो दुःख काहे को होये।" आज कलयुगी मानव बस मतलब के लिए ही भगवान को याद करते है। बच्चो में संस्कार खत्म हो गए है क्योंकि हमारे घरो से रामायण, गीता महापुरुषों की वाणी खत्म ही होगई है। कलयुग में लोग अश...

Shrimad Bhagwat Katha || Day - 2 || Kolkata ||

Shrimad Bhagwat Katha || Day -2 || Kolkata || 4-10 January 2018 || SHRI DEVKINANDAN THAKUR JI MAHARAJ

पूज्य महाराज श्री के सानिध्य में 4 से 10 जनवरी तक, सी. डी. पार्क, साल्ट लेक, कोलकाता आयोजित श्रीमद भागवत कथा के प्रथम दिवस पर भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का सुंदर वर्णन भक्तों को श्रवण कराया।

पूज्य महाराज श्री के सानिध्य में 4 से 10 जनवरी तक, सी. डी. पार्क, साल्ट लेक, कोलकाता आयोजित श्रीमद भागवत कथा के प्रथम दिवस पर भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का सुंदर वर्णन भक्तों को श्रवण कराया। भागवत नाम उच्चारण करने से सारे पाप नष्ट हो जाते है। अब प्रश्न ये उठता है की बात कौन गारंटी देगा तो मै आपको ये बात निश्चित रूप से कह सकता हूँ कि जो व्यक्ति ठाकुर की कथा मन लगा कर सुनता है तो उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है। अब प्रश्न की भागवत सुनने से क्या मिलता है ? तो मेरे प ्यारे भागवत एक कल्प वृक्ष है इससे जो मांगों वो मिलेगा पर शर्त यह है की भागवत में सच्ची श्रद्धा और विश्वास रखे तो निर्धन को धन , रोगी को निरोगी काया ,निसंतान को संतान सब कुछ ठाकुर देता है। " सत्यं परम धीमहि " यानि भागवत ही परम सत्य है क्योकि सत्य कभी भी नहीं बदलता वो कल भी था , आज भी है और कल भी रहेगा। सत्य कभी खंडित नहीं होता तीनो काल में रहता है तो यह कथा भी सत्य की कथा है इसके प्रारम्भ सत्य , मध्य में सत्य और अंत भी सत्य है तो इसको सुनने से सत्य का ज्ञान हो जाता है। जो भी भागवत की शरण में...