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लोकतंत्र के पर्व "गणतंत्र दिवस" के पावन अवसर पर पूज्य श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज के सानिध्य में प्रिंसेस ग्राऊंड बैंगलोर में कार्यक्रम आयोजित किया गया।

लोकतंत्र के पर्व "गणतंत्र दिवस" के पावन अवसर पर पूज्य श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज के सानिध्य में प्रिंसेस ग्राऊंड बैंगलोर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों द्वारा देश- भक्ति गीतों से हुई, महाराज श्री ने गीतों के माध्यम से युवाओ को देश प्रेम के लिए प्रेरित किया और उन वीर जवानो की याद दिलाई जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपनी कुर्बानी दी थी। साथ ही महाराज श्री ने भक्तों को अपने देश की संस्कृत,संस्कृति,और संस्कार, को बचाने की बात करते हुए सभी से अपने देश को प्रेम करने का संकल्प कराया। इसके बाद स्कूली छात्र- छात्राओं ने अपने सुंदर- सुंदर नृत्य की प्रस्तुति दी और सब का मन मोह लिया। जय हिन्द... राधे - राधे बोलना पड़ेगा!!!

Shrimad Bhagwat Katha || Day -4 || Lucknow ||

Shrimad Bhagwat Katha || Day -4 || Lucknow || 17-23 January 2018 || Lucknow, Uttar Pradesh || SHRI DEVKINANDAN THAKUR JI MAHARAJ

पूज्य महाराज श्री के सानिध्य में 17 जनवरी 2018 को बांग्ला बाजार चौराहा, रेल नगर मैदान, लखनऊ, उत्तर प्रदेश में आयोजित श्रीमद भागवत कथा के द्वितीय दिवस पर भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का सुंदर वर्णन भक्तों को श्रवण कराया।

पूज्य महाराज श्री के सानिध्य में 17 - 23 जनवरी तक, बांग्ला बाजार चौराहा, रेल नगर मैदान, लखनऊ, उत्तर प्रदेश आयोजित श्रीमद भागवत कथा के द्वितीय दिवस पर भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का सुंदर वर्णन भक्तों को श्रवण कराया। महाराज जी ने भागवत कथा के द्वितीय दिवस की शुरुआत भक्तिमय गीतों से की जिसपर भक्त जमकर नाचने पर विवश हो उठे। कथा श्रवण करने आए भक्तो से महाराज जी ने कहा की कथा को कभी भी फल प्राप्ति के लिए ही नहीं सुनना चाहिए, फल तो मिलेगा ही, कथा का श्रवण मेरे चित्त में मेरे प्रभु के अलावा कोई ओर ना हो इसके लिए कथा सुननी चाहिए। कथा प्रभु के स्वभाव को बताती है। महाराज जी ने कथा सुनने आएं श्रोताओं से कहा की कथा स्थल पर आने की जल्दी करो लेकिन यहां से जाने की कभी जल्दी मत करो। महाराज जी ने कहा की अगर जीव के मन में बस भागवत कथा सुनना है का भाव भी आ जाए तो प्रभु उनके ह्रदय में कैद हो जाते हैं और सच्चे श्रोताओं को इसका अनुभव भी होता है। महाराज जी ने कहा की कथा सुनने की एक ही शर्त है इसे नियम से सुना जाए। महाराज जी ने मोबाइल से होने वाले नुकसानों के बारे में भी बताया। महाराज जी न...

पूज्य महाराज श्री के सानिध्य में 4 से 10 जनवरी तक, सी. डी. पार्क, साल्ट लेक, कोलकाता में आयोजित श्रीमद भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का सुंदर वर्णन भक्तों को श्रवण कराया।

"देश और धर्म की सेवा ही सबसे बड़ी सेवा है।" पूज्य महाराज श्री ने कथा प्रारम्भ करते हुए बताया कि वामन अवतार भगवान विष्णु के दशावतारो में पांचवा अवतार और मानव रूप में अवतार था। जिसमें भगवान विष्णु ने एक बौने के रूप में इंद्र की रक्षा के लिए धरती पर अवतार लिया। वामन अवतार की कहानी असुर राजा महाबली से प्रारम्भ होती है। महाबली प्रहलाद का पौत्र और विरोचना का पुत्र था। महाबली एक महान शासक था जिसे उसकी प्रजा बहुत स्नेह करती थी। उसके राज्य में प्रजा बहुत खुश और समृद्ध थी। उसको उसके पितामह प्रहलाद और गुरु शुक्राचार्य ने वेदों का ज्ञान दिया था। समुद्रमंथन के दौरान जब देवता अमृत ले जा रहे थे तब इंद्रदेव ने बाली को मार दिया था जिसको शुक्राचार्य ने पुनः अपन मन्त्रो से जीवित कर दिया था। महाबली ने भगवान ब्रह्मा को प्रसन्न करने के लिए तपस्या की थी जिसके फलस्वरूप भगवान ब्रह्मा ने प्रकट होकर वरदान मांगने को कहा। बाली भगवान ब्रह्मा के आगे नतमस्तक होकर बोला “प्रभु, मै इस संसार को दिखाना चाहता हूँ कि असुर अच्छे भी होते हैं। मुझे इंद्र के बराबर शक्ति चाहिए और मुझे युद्ध में कोई ...

पूज्य महाराज श्री के सानिध्य में 24 से 31 दिसंबर आयोजित श्रीमद भागवत कथा के चतुर्थ दिवस कथा का रसपान करें।

"भगवान से रिश्ता जोड़" सांसारिक उत्सव भले छूट जाएं, लेकिन भगवान का कोई उत्सव छूटना नहीं चाहिए" पूज्य महाराज श्री के सानिध्य में 24 से 31 दिसंबर तक, भेलपूरी चौक, महापौर निवास मैदान निगड़ी प्राधिकरण, पुणे, महाराष्ट्र में आयोजित श्रीमद भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर विश्व शांति के लिए प्रार्थना की और प्रथम में एक भजन के साथ राधा रानी की स्तुति की। " मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे, मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे | " महाराज जी न्र बताया कि भागवत में एक सुन्दर भाव छुपा हुआ है वो है जीव का कल्याण। कभी अपने मन में संशय न आने दे क्योकि संशय से आप का मनोबल कमजोर हो जाता है। और जब जीवन में संशय आये तो सत्संग में जरूर आये क्योकि जब आप अपने मन में कोई संशय लेकर भागवत कथा में आते है तो निश्चित ही भागवत आपके संशय का निवारण अवश्य करती है। ये जीवन बहुत अनमोल है पर आज का मानव ये संशय करके उसको बर्बाद कर रहा है। मानव आज तो विज्ञानं पर भरोसा करता है पर वो तो हमारे पुराणों में विश्वास नहीं करता। एक एक साँस अनमोल है उसको व्यर्थ न जाने दे। श्रीमद् भागवत कथा...

पूज्य महाराज श्री के सानिध्य में 24 से 31 दिसंबर आयोजित श्रीमद भागवत कथा के द्वितीय दिवस कथा का रसपान करें।

पूज्य महाराज श्री के सानिध्य में 24 से 31 दिसंबर तक, भेलपूरी चौक, महापौर निवास मैदान निगड़ी प्राधिकरण, पुणे, महाराष्ट्र में आयोजित श्रीमद भागवत कथा के द्वितीय दिवस पर भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का सुंदर वर्णन भक्तों को श्रवण कराया। कथा प्रारम्भ करते हुए पूज्य महाराज श्री ने कहा की श्रीमद भागवत कथा कलयुग में मोक्ष का एक सर्वश्रेठ मार्ग है।श्रीमद भागवत कथा सुनने के लिए भी हमे कर्म अच्छे करने होंगे तभी ये कथा सुनने का भी लाभ भी हमें मिलेगा। क्योकि आज का मानव आपने कार्य को अधिक महत्व देता है और भगवान् को भूल जाता है। तो यह भी तो मायने रखता है की कर्म आप ने किसके लिए छोड़ा, भगवान के लिए सांसारिक कर्म छोड़ा या सांसारिक कर्म के लिए भगवान् को छोड़ दिया। आप एक बात बताओ की जब आपके बच्चे आपको छोड़ कर चले जाते है तो आप आपने पड़ोसियों से उनकी बुराई करने लगते है तो हम भी तो यही करते की इस संसार के लिए अपने असली पिता को भूल कर बैठ जाते है। पर ऐसा क्यों हो रहा है क्योकि हमारे घरो से रामायण , गीता महापुरुषों की वाणी खत्म ही होगई है। मेरा आप सभी से अनुरोध है की आप जो कथा सुनते है उसको जीवन में उतार...

पूज्य महाराज श्री के सानिध्य में 24 से 31 दिसंबर आयोजित श्रीमद भागवत कथा के प्रथम दिवस कथा का रसपान करें।

"भगवान की भक्ति टिकाऊ है बिकाऊ नहीं है।" पूज्य महाराज श्री के सानिध्य में 24 से 31 दिसंबर तक, भेलपूरी चौक, महापौर निवास मैदान निगड़ी प्राधिकरण, पुणे, महाराष्ट्र में आयोजित श्रीमद भागवत कथा के प्रथम दिवस पर भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का सुंदर वर्णन भक्तों को श्रवण कराया। आज कथा के प्रारम्भ होने से पहले पुणे के कार्यकर्ताओं एवं समिति के सदस्यों ने महाराज जी का अभिनन्दन किया। इस पर महाराज जी ने सभी भक्तों को इतने प्रेम के लिए धन्यवाद दिया और कहा की जितना सूंदर मेरे ठाकुर का द्धार आप सभी कार्यकर्ताओं ने सजाया है उसके लिए आप सभी का बहुत-बहुत साधुवाद। पंडाल में भागवत कथा सुनने श्रोताओं का हुजूम उमड़ रहा है। महाराज जी ने बताया कि श्रीमद भगवत में चार अक्षर हैं भा ग व त , भ से भक्ति , ग से ज्ञान , व से वैराग्य , त से तरुण उद्धार अथार्त तत्प्श्चात मोक्ष..... भागवत कथा सुनने से किस प्रकार प्राणी का कल्याण हो जाता है जो भी भागवत की शरण में आएगा उस की मुक्ति निश्चित है, भागवत वेद रूपी वृक्ष का फल है। भगवान को जानने की इच्छा ही भागवत है। इसलिए भगवान को जानने और उनसे संब...

बिना साधना के प्रभु का सानिध्य नहीं।" श्रीमद् भागवत कथा के षष्टम दिवस पूज्य श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने कहा कि बिना साधना के भगवान का सानिध्य नहीं मिलता।

"बिना साधना के प्रभु का सानिध्य नहीं।" श्रीमद् भागवत कथा के षष्टम दिवस पूज्य श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने कहा कि बिना साधना के भगवान का सानिध्य नहीं मिलता। द्वापर युग में गोपियों को भगवान श्री कृष्ण का सानिध्य इसलिए मिला, क्योंकि वे त्रेता युग में ऋषि - मुनि के जन्म में भगवान के सानिध्य की इच्छा को लेकर कठोर साधना की थी। शुद्ध भाव से की गई परमात्मा की भक्ति सभी सिद्धियों को देने वाली है। जितना समय हम इस दुनिया को देते हैं, उसका 5% भी यदि भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लगाएं तो भगवान की कृपा निश्चित मिलेगी। पूज्य श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने कहा कि गोपियों ने श्री कृष्ण को पाने के लिए त्याग किया परंतु हम चाहते हैं कि हमें भगवान बिना कुछ किये ही मिल जाये, जो की असम्भव है। महाराज श्री ने बताया कि शुकदेव जी महाराज परीक्षित से कहते हैं राजन जो इस कथा को सुनता हैं उसे भगवान के रसमय स्वरूप का दर्शन होता हैं। उसके अंदर से काम हटकर श्याम के प्रति प्रेम जाग्रत होता हैं। जब भगवान प्रकट हुए तो गोपियों ने भगवान से 3 प्रकार के प्राणियों के विषय में पूछा। 1 . एक...
भागवत साधन भी है और साध्य भी पूज्य महाराज श्री के सानिध्य में 6 से 13 दिसंबर 2017 तक, भायंदर, ईस्ट मुम्बई में आयोजित श्रीमद भागवत कथा के द्वितीय दिवस पर भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का सुंदर वर्णन भक्तों को श्रवण कराया। आज कथा के प्रारम्भ होने से पहले मुंबई के कार्यकर्ताओं एवं समिति के सदस्यों द्वारा महाराज जी को सूंदर पगड़ी बांध कर उनका अभिनन्दन किया। इस पर महाराज जी ने सभी भक्तों को इतने प्रेम के लिए धन्यवाद दिया और कहा की जितना सूंदर मेरे ठाकुर का द्धार आप सभी कार्यकर्ताओं ने सजाया है व जितने प्यार से जो ये पगड़ी बांधकर आपने ये प्यार मेरे सर माथे दिया है उसके लिए आप सभी का बहुत-बहुत साधुवाद। महाराज जी ने बताया की भागवत कथा सुनने से किस प्रकार प्राणी का कल्याण हो जाता है जो भी भागवत की शरण में आएगा उस की मुक्ति निश्चित है, भागवत परमात्मा स्वरुप है। इसमें श्याम सुन्दर की कथा है। जो लोग ये कहते है की भागवत में राधा रानी का नाम नहीं है। तो मैं यह उनको बता देना चाहता हुँ कि भगवात में राधा रानी का नाम एक बार नहीं कई बार आता है। भागवत प्रारंभ ही सर्वेश्वरी राधा रानी के न...