पूज्य महाराज श्री के सानिध्य में 26 जनवरी से 2 फरवरी प्रिंसेस श्राईन,पैलेस ग्राउंड,बंगलुरु में आयोजित श्रीमद भागवत कथा के षष्ठम दिवस पर महाराज श्री ने भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का सुंदर वर्णन भक्तों को श्रवण कराया।
महाराज श्री ने कथा की शुरुआत करते हुए कहा की आज के आधुनिक लोग ऋषि मुनियो के ज्ञान पर संदेह करते है जो एक अंगुठे पर उडे होकर तपस्या करते थे और हमे ज्ञान दिया करते थे। महराजी ने कहा की एक बात मैं आधुनिक दौर के बच्चो के लिए कहूंगा बोलो मत, कुछ कर के दिखाओ। उन्होंने कहा की ऋषि मुनी हमारे कल्याण के लिए काम करते हैं और ये बाते बच्चों को समझा दी जाए ते उन्हें पता चलेगा की आग का विज्ञान उनके आगे कुछ नहीं
महाराज जी ने कहा की ऋषि मुनियों ने जो ज्ञान हमे दिया है उस पर बाहर वाले संदेह नहीं करते बल्कि आज के कुछ पढ़े लिखे लोग ही करते हैं।
महाराज जी ने कहा जिनको जिंदगी में कुछ बनना है उन्हे कठनाइयों से कभी मुंह नहीं मोड़ना चाहिए, जो व्यक्ति मुश्किलों का सामना ना कर सके उन्हें सफल होने का सपना छोड देना चाहिए। जो आपके लिए माता पिता छोड जाते है वो सफलता नहीं है, उसमें तो आपके माता पिता सफल है, आप अपने दम पर कुछ कर दिखाओं तो आप सफल हो।
महाराज जी ने कहा की जो लोग धर्म से जुडे रहते हैं उनपर भगवान का प्रकोप नहीं होता। आजकल बाढ़ आ रही हैं, भूकंप आ रहे हैं वो इसलिए क्योंकि यज्ञ होने बंद हो गए हैं। उन्होंने कहा की यज्ञ होने से देवता प्रसन्न होते हैं, हर घर में हवन होना चाहिए।
महाराज जी ने कहा हमारी दिक्कते ये है की कहने से हम पूजा भी करते है, माला भी जपते हैं लेकिन विश्वास नहीं करते, अगर विश्वास नहीं करेंगे तो पूजा का फल उतना नहीं मिलेगा जितना मिलना चाहिए इसलिए प्रभु पर विश्वास किजिए।
।। राधे राधे बोलना पड़ेगा ||
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