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विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में पूज्य श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज के पावन सानिध्य में शांति सेवा धाम, वृंदावन में युवा शांति संदेश का आयोजन किया गया। शांति संदेश में सैकड़ों की संख्या में युवा शामिल हुए।

विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में पूज्य श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज के पावन सानिध्य में शांति सेवा धाम, वृंदावन में युवा शांति संदेश का आयोजन किया गया। शांति संदेश में सैकड़ों की संख्या में युवा शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरूआत विश्व शांति के लिए प्रार्थना के साथ की गई।
पूज्य श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने शांति संदेश की शुरूआत करते हुए कहा कि कोई भी कार्य अगर तरीके से किया जाए तो उसका लाभ मिलता है। आजकल कई महानुभाव कहते हैं की व्रत की आवश्यकता क्या है ? परमात्मा परमेश्वर बिना किसी साधन व्रत के बिना मिलते नहीं है, कोई ना कोई साधन व्रत तो करना ही पड़ेगा। जिन्हें सिर्फ पेट की चिंता रहती है वो सिर्फ बहाने बनाते हैं की व्रत करके क्या होगा ? महाराज श्री ने बताया की कृष्ण जन्माष्टमी पर रात 12 बजे तक व्रत का पालन करना चाहिए, व्रत में बिल्कुल झूठ नहीं बोलना चाहिए, ज्यादा से ज्यादा भजन करना चाहिए और प्रभु से प्रार्थना करनी चाहिए।
महाराज श्री ने आगे कहा कि जो भी कृष्ण के भक्तों हो वो प्रेम पूर्वक सारे साधन और नियम व्रत करें जिन साधनों से परमात्मा की प्राप्ति हो सकती हो। हम सबको सबसे पहले 5 मिनट तक कीर्तन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कृष्ण को मानना और कृष्ण की मानना दोनों अलग बात है। अगर हमको जीवन आनंदित करना है तो कृष्ण के साथ साथ कृष्ण की भी माननी पड़ेगी। आजकल व्यक्ति जो मन में आता है उसे ही धर्म समझ लेता है।
महाराज श्री ने कहा कि जब भी किसी का जन्मदिन हो तो उसदिन ना तो मोम्बत्ती जलाएं और ना ही बुझाएं, उसके बदले आप भगवान के आगे अपनी उम्र के बराबर देशी घी के दीपक जलाएं। आज भगवान श्रीकृष्ण का 5247वां जन्मोत्सव है तो आज आप कम से कम 9 या 11 घी के दीपक अपने घर में पूजा के समय अवश्य जलाएं। कहते हैं त्मसो मा ज्योतिर्गमय यानि अंधकार से प्रकाश की और चलो।
युवा शांति संदेश में मंच का संचालन विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के सचिव श्री विजय शर्मा जी द्वारा किया गया, उन्होंने ट्रस्ट से जुड़ी कई जानकारी लोगों को दी।

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