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“मेरा भारत - मेरा स्वाभिमान”

विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के समाज में एकता, अखंडता एवं सुंदर स्वच्छ समाज के निर्माण में सदैव भागीदार रहा है। आज समाज को जरूरत है एक ऐसी व्यवस्था की जहां हर देश प्रेमी, धर्म प्रेमी, सनातनी एकजुट हो सकें, अपने धर्म, देश के लिए कार्य कर सके, जहां ऊंच नीच जात पात से ऊपर उठकर कार्य किया जा सके। एक ऐसा स्थान जहां से पूरे विश्व को
हम बता सकें की यदि हम एकजुट हो जाएं हर कार्य संभव है। इस व्यवस्था पर कई वर्षो के विचार विमर्श के बाद धर्मरत्न शांतिदूत पूज्य श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने एक ऐसा अभियान चलाने, एक ऐसा परिवार बनाने का निर्णय लिया है जहां सब एकजुट होकर, देश के लिए कार्य करेंगे। पूज्य महाराज श्री ने इस अभियान का नाम दिया है “मेरा भारत - मेरा स्वाभिमान”
देश में रहते हुए भी आपको देशभक्ति दिखाने का, समाज के लिए कार्य करने का अवसर नहीं मिल पाता है लेकिन अब मेरा भारत-मेरा स्वाभिमान अभियान से जुड़कर आपको मिलेगा मौका जिससे आप देशहित के लिए कार्य कर सकते हैं, अपने समाज के नई राह दिखा सकते हैं। अपने क्षेत्र में रह रहे अनाथ, बेसहारा, जरूरतमंदों की हर संभव मदद कर सकते हैं। देश और समाज के लिए हर कार्य कर सकते हैं, आप अपने क्षेत्र में हो रही गतिविधियों की जानकारी भी संस्था को दे सकते हैं एवं सामाजिक कार्यों में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा ले सकते हैं।
मेरा भारत मेरा स्वाभिमान का उद्देश्य है देशहित के लिए कार्य करना, समाज के लिए कार्य करना, सनातन धर्म के लिए कार्य करना, वो सभी कार्य करना जिससे हमारे देश का नाम ऊंचा हो सके। संस्था देशहित निम्न कार्य करने के लिए संकल्पित है।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ - आज के युग में बेटियां किसी से कम नहीं है, बेटियां हर क्षेत्र में अपने दम पर अपने नाम कमा रही हैं और देश का नाम रोशन कर रही हैं, लेकिन यह भारत की विडम्बना है की आज भी कई जगह बेटियों को पैदा होने से पहले ही मार दिया जाता है और पढ़ाई
लिखाई से वंचित रखा जाता है। संस्था लोगों को बेटीयों को बचाने एवं उन्हें पढ़ाने के लिए लोगों को जागरूक करेगी ।
शहीदों के परिवारों की मदद - हमारे देश की सुरक्षा के लिए हमारे वीर जवान अपनी जान की परवाह किए हर वक्त मुस्तैद रहते हैं, मां भारती की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर शहीद सैनिकों के परिवारों की मदद करने का संस्था ने बीडा उठाया है। संस्था समय समय पर शहीद सैनिकों के परिवार की मदद करेगी एवं उन्हें संरक्षण देगी।
जल संरक्षण - जल है तो कल है, जल के बिना कल की कल्पना भी नहीं की जा सकती। संस्था द्वारा विभिन्न तरीकों से जल संरक्षण किया जाएगा एवं लोगों को भी इसके लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके अलावा हमारी आस्था का केंद्र रही गंगा-यमुना को प्रदुषण मुक्त किया जाएगा। अपने उद्गम
स्थल से निर्मल जल धारा के साथ निकली यह नदियां हमारे कर्मो के मैले ढोते-ढोते आज गन्दे नालों मे तब्दील हो रहीं हैं । ये आज इतनी प्रदुषित हो चुकी हैं कि कई स्थानों पर यह आगमन लायक भी नहीं बचीं हैं। संस्था का उद्देश्य है इस प्रदुषण के प्रति जागरूकता लाना एवं नदियों के संरक्षण करना।
स्वच्छ भारत - स्वच्छ भारत को हमारा यही है संकल्प हमारा। स्वच्छता एक प्रमुख मुद्दा है, भारत को स्वच्छ रखने का कर्तव्य हर नागरिक को है तभी स्वच्छ भारत का सपना पूरा हो सकता है। संस्था समय समय पर स्वच्छता अभियान के जरिए शहरों, गली कसबों में स्वच्छता के लिए लोगों
को जागरूक करेगी। संस्था एक स्वच्छ भारत की कल्पना को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।
स्वस्थ भारत - स्वस्थ हो भारत का हर एक नागरिक, इसी उद्देश्य के साथ भारत सरकार की आयुष्मान योजना को जन जन तक पहुंचाने का कार्य किया जाएगा, ताकी हर व्यक्ति इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उठा सके।
असहाय, आपदा पीडित एंव रोग पीडितों की सहायता - संस्था के द्वारा समय समय पर असहाय, आपदा पीडित एवं रोग पीडितों की सहायता हेतु सेवा कार्य किए जाते हैं। लगभग प्रत्येक कथा स्थल पर गरीब व असहाय व्यक्तियों को वस्त्र वितरण का कार्यक्रम रखा जाता है। विभिन्न अनाथालयों में बच्चों के साथ समय व्यतीत कर उन्हें स्नेह और आर्थिक मदद प्रदान की
जाती रही है।
बच्चों की शिक्षा - आज के युग में बच्चे पाश्चयता सभ्यता की और बढ़ रहे हैं और देश की संस्कृति को भूलते जा रहे हैं, बच्चों को पुनरू गुरूकुल शिक्षा पद्दति के माध्यम से उन्हें भारत की संस्कृत, संस्कृति एवं संस्कारों से जोड़ने का कार्य किया जाएगा।
गऊ रक्षा अभियान - भारत में गऊ का महत्व किसी से छिपा नहीं है। यह हिन्दुस्तानियों की माता के रूप में सम्मान प्राप्त है । फिर भी हमारे देश में निर्यात के लिये प्रतिदिन हजारों र्निदोष गायों की हत्या कर दी जाती है । इसके विरू( संस्था हर संभव कार्य करेगी।
दहेज प्रथा - दहेज प्रथा समाज की एक सबसे बड़ी कुरीति है। दहेज लोभियों द्वारा हजारों विवाहित महिलायें इसकी बलि चढ़ा दी जाती हैं । आज समाज में इस दहेज दानव को समाप्त करने की आवश्यकता है। संस्था इस दिशा में कार्य करेगी एवं सभी को इस बात के लिये शपथ दिलाई जाएगी
की वह ना तो दहेज लेगें और ना ही दहेज देंगे । साथ ही दहेज रहित सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किये जाएंगे जिसमें सभी वर्गो के लोगों के पुत्र-पुत्रियों का दहेज रहित विवाह कराया जाएगा।
नवयुवाओं में संस्कारों की प्रेरणा - आज का युवा पाश्चात्य जगत से प्रभावित होकर अपनी प्राचीन भारतीय संस्कृति और संस्कारों से विमुख होता जा रहा है। भोतिकतावादी युग में युवक-युवतियां अपने बुजुगों, माता-पिता और समाज के प्रति कर्तव्यों से दूर हो रहे हैं। ऐसी दशा में जरूरत है कि
युवाओं में हमारे प्राचीन संस्कारों की जानकारी देकर उन्हें अपने बुजुर्गों और समाज के प्रति कर्तव्यशील बनाया जाये। संस्था भारतीय संस्कार और संस्कृति की शिक्षा देकर उन्हे अपने परिवार, समाज और देश
की सेवा के लिये जागरूक कर रहे हैं ।
छूआछूत और ऊॅंच-नीच के खिलाफ - भगवान श्री कृष्ण और श्री राम ने अपने मानव जीवन मे छूआ छूत, ऊॅंच नीच और धनी निर्धन जैसी विसंगतियों को कड़ा जवाब देकर आपसी प्रेम और सद्भाव के प्रतिमान स्थापित किये थे । कथा के मध्य आने वाले विभिन्न प्रसंग इस बात की पुष्टि करते हैं और सन्देश देते हैं कि हम सभी को ऐसी संकीर्ण मानसिकताओं से ऊपर उठकर आपस में भाईचारे के साथ व्यवहार करना चाहिये। पुराणों का यह संदेश लोगों तक पहुंचाने का कार्य किया जाएगा।






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